11/09/2018 - वाराणसी - आरती सिंह

गंगा जलस्तर में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

ganga increases in varanasi

सीतामढ़ी/वाराणसी: गंगा का जलस्तर बहुत तेज़ी से बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को बारिश का पानी और अन्य नदियों के जल प्रवाह का दबाव बढ़ने के कारण इस सीजन में गंगा का जलस्तर इस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर 77 मीटर सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर पार कर चुका हैं। साथ ही साथ पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी।

लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी

वहीं दूसरी तरफ तटवर्ती गांवों में गंगा के उफान के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। गंगा में अथाह पानी निरंतर बढ़ते जलस्तर के कारण दिखने भी लगा है। सीतामढ़ी के उड़िया बाबा आश्रम के निकट तक गंगा के बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पूर्वी-उत्तरी कोने की आश्रम की दीवार भी पानी में जलमग्न होने लगी है।

डूब रही है पीपापुल सड़क

ठीक इसी प्रकार बाबा धवासा नाथ आश्रम घाट की पक्की सीढ़ी वा सीतामढ़ी गंगा घाट की पक्की सीढ़ी तक भी पानी पहुंच गया है। तीन-तीन सीढ़ियां दोनों घाटों की पानी में डूब गई हैं। धनतुलसी-डेंगुरपुर कोनिया के पीपापुल की सड़क बाढ़ के पानी में डूबती ही जा रही है।

छेछुआ और भुर्रा में तेज हुआ गंगा कटान

गंगा का पानी अरई स्थित त्रिपदा आश्रम के पास नाले पर बने रपटा पुल के नीचे तक भी आने लगा है। वही गंगा कटान छेछुआ और भुर्रा गांवों में भी तेज हो गई है। किसान भी निरंतर जलस्तर को देखकर परेशान होने लगे हैं। सोमवार को शाम सात बजे केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी कार्यालय के अनुसार गंगा का जल स्तर 77.110 मीटर तक पहुंच गया है।

रकबे का नुकसान पड़ा झेलना

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी ही है। प्रभावित कोनिया क्षेत्र के छेछुआ एवं भुर्रा गांवों में गंगा कटान लगातार तेज ही होता जा रहा है। गंगा की कटान में प्रभावित कोनिया क्षेत्र के छेछुआ एवं भुर्रा गांवों में 11 बीघे से ज्यादा भूमि गवां चुके ग्रामीणों को इस मर्तबा भी 50 बीघे से अधिक रकबे के नुकसान का सबब झेलना पड़ रहा है।

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