14/09/2018 - वाराणसी - आरती सिंह

काशी विश्वनाथ मंदिर में हुआ उपद्रव, मंदिर प्रशासन सख्त

kashi vishwanath temple

वाराणसी: गुरूवार की सुबह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में उस समय अफरा तफरी का माहौल व्यापत हो गया जब मंगला आरती के पूर्व सीआरपीएफ के जवान एवं मंदिर के पूर्व पर्यवेक्षक में लात घूंसे चलने लगे। सीआरपीएफ के ड्यूटिरत्त जवान ने मंदिर के पर्यवेक्षक को बहुत पीटा। जैसे ही इस बात की खबर आला अधिकारियों को प्राप्त हुई उनमें हड़कंप मच गया। सीईओ विशाल सिंह ने विश्वनाथ मंदिर के इस मामले के संबंध सख्त कार्रवाई की बात करते हुए कहा है कि इस समय में वर्दी वाले और बिना वर्दी वाले दोनों ही पंडागिरी करने लग गए हैं।

अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप पर शांत हुआ मामला

मिली खबर के अनुसार भोर में हुई मंगला आरती के दौरान बाबा की प्रथम आरती देखने के लिए एक अधिकारी अपने परिवार सहित पहुंचे थे। मंदिर के गर्भ गृह में उनको पुजारी ने बैठाया ही था कि तभी वहीं पूर्व पर्यवेक्षक अपने कुछ मेहमानों सहित पंहुचा एवं बैठे हुए अधिकारी को हटाने लगा। पर उनका यह व्यवहार सीआरपीएफ के जवान जो की ड्यूटी में लगा हुआ था उसको बिलकुल भी पसंद नहीं आयी जिस कारण उन्होंने इसके लिए उस पर्यवेक्षक जवान को मना किया जिस पर वह उलझ गया। यह मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि जमकर लात घुसे चलने लगे यह मामला तब जाकर शांत हुआ जब अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप किया गया।

मामला है संज्ञान में

इस पूरे मामले के संबंध में सीआरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि हर किसी के लिए नियम बराबर हैं एवं श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन कराने की हमारी ड्यूटी है जिसके लिए हम हमेशा तैयार रहते हैं। इस संबंध में एसपी सुरक्षा शैलेन्द्र राय ने बताया कि मामला संज्ञान में है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी मामले की जांच की जा रही है। इन सबके साथ ही जिस पूर्व पर्यवेक्षक का नाम आ रहा है उसके खिलाफ पहले भी शिकायत प्राप्त हो चुकी है।

मंदिर में अराजकता नहीं होगी स्वीकार

मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने इस सम्बन्ध में बताया है कि किसी भी कीमत पर मंदिर में अराजकता स्वीकार नहीं होगी। साथ ही कहा कि सादे एवं वर्दी वाले मंदिर में इस समय सभी पंडागिरी करने लगे हैं। इन सबके साथ ही उन्होंने यह साफ शब्दो में कहा कि जिसकी गलती होगी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई की जाएगी। हम आपको बता दे कि यह कोई पहला मामला नहीं है पर्यवेक्षक के खिलाफ। कुछ महीने पहले भी पूर्व पर्वेक्षक का नाम गर्भगृह में तैनात दरोगा से बदसलूकी करने के मामले में सामने आया था।

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